कर्मचारी कल्याण कोष का विस्तार

साथियों, पूर्ववर्ती बड़ौदा यूपी बैंक में कर्मचारी कल्याण कोष के नाम से एक अत्यंत सराहनीय योजना संचालित थी। इस योजना के तहत, यदि किसी साथी कर्मचारी का निधन हो जाता था, तो आपसी सहयोग के माध्यम से ₹25,00,000 (पच्चीस लाख रुपये) की सहायता राशि एकत्र कर मृतक साथी के आश्रितों को प्रदान की जाती थी।

इस राशि को एकत्र करने एवं उसे पूर्ण पारदर्शिता के साथ सही-सलामत मृतक साथी के आश्रित तक पहुँचाने की जिम्मेदारी बैंक प्रबंधन द्वारा नियुक्त एक समिति के माध्यम से निभाई जाती थी।

इस योजना की सबसे बड़ी और महत्वपूर्ण विशेषता यह थी कि यह सहायता राशि हर परिस्थिति में मृतक साथी के आश्रित को अवश्य प्राप्त होती थी।

योजना के बारे में संछिप्त परिचय

कर्मचारी कल्याण कोष (Karmchari Kalyan Kosh)

कर्मचारी कल्याण कोष एक सामूहिक और परस्पर सहयोग पर आधारित योजना है, जिसका उद्देश्य कर्मचारियों एवं उनके परिवारों को आकस्मिक परिस्थितियों में आर्थिक सुरक्षा प्रदान करना है। यह कोष कर्मचारियों के छोटे-छोटे योगदान से बनाया जाता है और किसी साथी के मृत्यु होने पर सीधे लाभार्थी तक सहायता पहुँचाई जाती है।

मुख्य उद्देश्य

मृतक कर्मचारी के आश्रितों को आर्थिक संबल देना मृत्यु, जैसी य आपात स्थिति में तत्काल सहायता, संगठन/संस्था में एकता, विश्वास और मानवीय संवेदना को मजबूत करना

प्रमुख विशेषताएँ

  • सभी कर्मचारियों की समान भागीदारी
  • पारदर्शी व्यवस्था और तय प्रक्रिया
  • सहायता राशि का समयबद्ध और सुनिश्चित भुगतान
  • बैंक/संस्था द्वारा नामित समिति की निगरानी

क्यों आवश्यक है..?

बीमा/टर्म प्लान में देरी या शर्तें हो सकती हैं, लेकिन कल्याण कोष से सहायता हर हाल में मिलती है यह योजना कर्मचारियों के परिवारों के लिए विश्वसनीय सुरक्षा कवच है कठिन समय में संगठन की मानवीय भूमिका को दर्शाती है

संक्षेप में अगर कहें

कर्मचारी कल्याण कोष सिर्फ एक योजना नहीं, बल्कि कर्मचारियों के बीच एक-दूसरे के लिए खड़े होने की संस्कृति है।

समामेलन के बाद योजना का विस्तार

बैंक के समामेलन के पश्चात इस योजना को नवगठित बैंक में लागू/विस्तारित किए जाने हेतु, हमारे संगठन द्वारा बैंक प्रबंधन को अपने पत्रांक UPGBWO/2025-26/031 दिनांक 29/09/2025 के माध्यम से निवेदन किया गया था। अन्य संगठनों द्वारा भी अपने-अपने स्तर से इस योजना के विस्तार हेतु अनुरोध किए गए थे। उक्त सभी अनुरोधों को संज्ञान में लेते हुए, बैंक प्रबंधन ने अपने पत्रांक 432 के माध्यम से कर्मचारी कल्याण कोष योजना के विस्तार की स्वीकृति प्रदान कर दी है, जो कि एक अत्यंत स्वागतयोग्य निर्णय है।

सहमति/असहमति की नई प्रक्रिया

पूर्व में इस योजना हेतु हम ऑफलाइन माध्यम से अपनी सहमति या असहमति प्रदान करते थे। परंतु इस बार बैंक प्रबंधन द्वारा निर्देशित किया गया है कि—

सहमति / असहमति अब HRMS के माध्यम से ही दी जाएगी।

साथियों से विशेष अपील

  • साथियों, आप सभी से विनम्र लेकिन सशक्त अपील है कि आप इस योजना में अवश्य सम्मिलित हों।
  • यदि आपने पहले से कोई टर्म इंश्योरेंस प्लान ले रखा है, तब भी इस योजना को अवश्य अपनाएँ।

क्योंकि—बुरे समय में जितनी अधिक आर्थिक सहायता मिले, वह हमारे आश्रितों के लिए उतनी ही सुरक्षा और संबल देती है। टर्म प्लान के भुगतान में कभी-कभी तकनीकी या प्रक्रिया संबंधी विलंब हो सकता है, लेकिन इस योजना के अंतर्गत मिलने वाली ₹25 लाख की राशि हर हाल में सुनिश्चित है।

अंतिम अनुरोध (विशेष रूप से पूर्ववर्ती आर्यावर्त और प्रथमा के साथियों से)

अतः आप सभी साथियों से आग्रह है कि HRMS पोर्टल पर जाकर शीघ्र ही अपनी सहमति दर्ज करें, ताकि यह सामूहिक कल्याणकारी योजना अधिक से अधिक कर्मचारियों के परिवारों के लिए सुरक्षा कवच बन सके।

एकता ही हमारी ताकत है, और परस्पर सहयोग ही हमारी पहचान।

बैंक परिपत्र (432)

कैसे सहमति दें…देखें

भारत माता की जय

वंदे मातरम्

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